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लखीमपुर खीरी: पुलिस की कार्यशैली पर सवाल, वरिष्ठ पत्रकार ममता त्रिपाठी का ट्वीट वायरल

वरिष्ठ पत्रकार ममता त्रिपाठी के एक ट्वीट ने इस मामले को और तूल दे दिया है, जिसमें पुलिस की कथित लापरवाही और धमकी भरे रवैये को उजागर किया गया है।

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लखीमपुर खीरी: पुलिस की कार्यशैली पर सवाल, वरिष्ठ पत्रकार ममता त्रिपाठी का ट्वीट वायरल

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में पुलिस की कार्यशैली और बर्ताव पर गंभीर आरोप लगे हैं। वरिष्ठ पत्रकार ममता त्रिपाठी के एक ट्वीट ने इस मामले को और तूल दे दिया है, जिसमें पुलिस की कथित लापरवाही और धमकी भरे रवैये को उजागर किया गया है।

पुलिस पर लगे गंभीर आरोप

  1. हत्या का आरोप:
    मृतक रामचंद्र मौर्य के परिवार का आरोप है कि उनकी हत्या पुलिस थाने में हुई।
  2. परिजनों को धमकी:
    परिवारवालों के विरोध प्रदर्शन पर मझगई थाना प्रभारी दयाशंकर द्विवेदी ने ट्रैक्टर को “कनस्तर के भाव” बिकवाने की धमकी दी।
  3. सीओ का बर्ताव:
    सीओ पी.पी. सिंह ने मृतक के परिजनों से कथित तौर पर कहा,

    “लाश को जितने दिन रखना हो, रखो, कुछ नहीं मिलेगा।”
    इसके बाद वे पैर पटकते हुए वहां से चले गए।

  4. जबरन लाश उठाने का आरोप:
    परिवार का आरोप है कि पुलिस ने दबाव डालते हुए मृतक की लाश को जबरन उठाकर ले जाया।
  5. सुलह का खेल:
    पहले मामले में “गैंगस्टर” का आरोप लगाया गया, लेकिन बाद में पुलिस ने परिवार पर दबाव डालकर 5 लाख रुपये की “शांति समझौता” राशि पर मामला निपटा दिया।

ममता त्रिपाठी का ट्वीट

“उत्तर प्रदेश की @kheripolice की वर्दी की अकड़, चौड़ और ठसक देखिए… सांसद, मंत्री, विधायक की कोई औकात तो है नहीं, ठसक के साथ पुलिसिया नौकरी चलती रहेगी।”

इस ट्वीट के बाद पुलिस प्रशासन पर जनता का गुस्सा और बढ़ गया है।

जनता का आक्रोश और सवाल

  1. क्या रामचंद्र मौर्य की हत्या पुलिस कस्टडी में हुई?
  2. परिजनों को धमकाने और सबूत मिटाने की कोशिश क्यों की जा रही है?
  3. क्या “शांति समझौता” पैसे के दम पर जनता की आवाज दबाने का प्रयास है?

प्रशासन की प्रतिक्रिया

घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं, लेकिन अभी तक दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस की इस कार्यशैली ने प्रशासन की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या होना चाहिए?

  • स्वतंत्र जांच: घटना की निष्पक्ष जांच के लिए एक स्वतंत्र एजेंसी को नियुक्त किया जाए।
  • दोषियों पर कार्रवाई: मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
  • पारदर्शिता सुनिश्चित हो: जनता और परिवार को जांच के हर चरण की जानकारी दी जाए।

इस घटना ने पुलिस और प्रशासन के प्रति लोगों के भरोसे को झकझोर कर रख दिया है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि न्याय और पारदर्शिता के लिए कौन-कौन से कदम उठाए जाते हैं।

(खबर, विज्ञप्ति और विज्ञापन के लिए संपर्क करें)
एलिक सिंह
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
📞 8217554083

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